Categories: Kalamkaar

सोलह श्रृंगार के 16 भाव

पहला श्रृंगार है स्नान जिसमें मैंने नकारात्मक सोच को ना दिया मान

दूसरा श्रृंगार बिंदी का ऊंचा रखूंगी अपना आत्मसम्मान

तीसरा श्रृंगार सिंदूर का
लाल रंग सा उज्जवल हो मेरा भविष्य

चौथा श्रृंगार काजल का
बुरी नजर से बचे मेरा परिवार

पांचवा श्रृंगार मेहंदी का दिखलाता है भाव सहनशीलता का

छठा श्रृंगार फूलों का गजरा खुशियों से आंगन मेरा रहे महका

सातवां श्रृंगार है मांग टीका
पूरी करूं अपने परिवार की मांग सदा

आठवां श्रृंगार है नथ का
नाम रोशन कर कर सबकी रखूं ऊंची नाक

नौवां श्रृंगार है कानों के कुंडल
ना सुनूँ किसी की बुरी बात

मंगलसूत्र है दसवा श्रृंगार
बांधे रखूं मजबूत डोर से अपना परिवार

ग्यारवा श्रृंगार बाजूबंद सजाया है
कोई भी काम करने की ताकत को अपनाया है

बारवे श्रृंगार में चूड़ियां खनखनाती रहूं
अपने जीवन में सदा खिलखिलाती रहूं

तेरवा श्रृंगार है अंगूठी का
अपने इरादों को जकड़ कर है रखा

कमरबंद का है चौदहवा श्रृंगार कमर कस के रहती हूं हर चीज के लिए तैयार

पन्द्रवे और सोल्वे श्रृंगार बिछिया और पायल है बहुत खास
जहां जहां कदम पड़े वहां हो खुशियों का वास..

jainhoney83

Hello... Myself Hunny Bunny....I am proud mother of two beautiful daughters and a marvelous housewife.I am one of those people who is a brilliant listener..I have done my M.Phil in biotechnology . I believe in magic, power, aliens, god.... Unfortunately, I have no interest in creating awesome introductions—only brief summaries of myself. But you are welcome to ask me why I decided to “not write an awesome introduction”. I’ll be happy to give you an answer. :)

View Comments

Recent Posts

प्रयास – Ek koshish (Old Age Home Drive)

Hello Friends The Indradanush is organising a drive on 19 May 2024 at NAI DUNIYA…

2 years ago

Silence is not empty, it’s full of answers.

।। मौनं शून्यं नास्ति उत्तरै‌: परिपूर्णम् अस्ति।। एक बड़ा ब्राह्मण विद्वान्‌; पाँच सौ शिष्यों के…

3 years ago

रक्षाबंधन

श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है रक्षाबंधन का त्यौहार……यह त्यौहार प्रतीक है भावनाओं…

3 years ago

वो आखरी मुलाकात…….

वो बुधवार का दिन था और दिसंबर की रात थी...ना पापा जानते थे ना मैं…

3 years ago

तेज रफ़्तार

तेज रफ़्तार जब करे जिंदगी पर वार...जिंदगी नहीं देती मौका बार बार..... ना मिलती फिर…

3 years ago

अल्फ़ाज़ संग गीत

बात उस समय की है जब मेरी नन्ही परी रागिनी का पहला दिन था विद्यालय…

3 years ago