ऐ जिंदगी जो मांगू मैं …दे दिया करकभी तो मेरे पापा जैसी बन के दिखा… जो मैं हसूं खिलखिलाकरकभी तो…
फिर घमंड कैसाघी का एक लोटा,लकड़ियों का ढेर,कुछ मिनटों में राख…..बस इतनी-सी हैआदमी की औकात !!!! एक बूढ़ा बाप शाम…
Father - Daughter Bonding
I may not be the best but I am sure...I am trying my best.