।। मौनं शून्यं नास्ति उत्तरै: परिपूर्णम् अस्ति।। एक बड़ा ब्राह्मण विद्वान्; पाँच सौ शिष्यों के साथ महात्मा बुद्ध के पास आया था। उनका नाम मौलुंकपुत्र था। एक बड़े विद्वान् के पास ढेर सारे प्रश्न होते ही हैं, वह उन प्रश्नों का उत्तर लेने महात्मा बुद्ध के पास आया था। बुद्ध…
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“आदमी की औकात” – दिवंगत जैन मुनि तरुण सागर जी द्वारा रचित कविता
फिर घमंड कैसाघी का एक लोटा,लकड़ियों का ढेर,कुछ मिनटों में राख…..बस इतनी-सी हैआदमी की औकात !!!! एक बूढ़ा बाप शाम को मर गया,अपनी सारी ज़िन्दगी,परिवार के नाम कर गया,कहीं रोने की सुगबुगाहट,तो कहीं ये फुसफुसाहट….अरे जल्दी ले चलोकौन रखेगा सारी रात…..बस इतनी-सी हैआदमी की औकात!!!! मरने के बाद नीचे देखा…
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मन के हारे हार है.. मन के जीते जीत..
मन के हारे हार है मन के जीते जीत ।कहे कबीर हरि पाइए मन ही की परतीत ॥ एक बार एक चिड़िया अपने बच्चों के साथ समुन्द्र के किनारे दाना चुग रही थी, तभी अचानक तेज लहरें आयी और चिड़िया के बच्चों को अपने साथ ले गईं . चिड़िया समुन्द्र…
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मकर संक्रांति
ऐतिहासिक महत्व
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धनतेरस– प्रथा और कथा
जानिए... त्रयोदशी तिथि को क्यों मनाया जाता है धनतेरस...
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माँ दुर्गा के नौ रूप और महिमा..
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जय माता दी
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरन्ये त्रयम्बिके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।
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मूर्ख को सीख
एक दिन कड़ाके की ठंड पड़ रही थी | ठंड से काँपते हुए कुछ बन्दर एक पेड़ के नीचे बैठ गए | उस पेड़ पर एक चिड़िया का घोंसला था | उनमें से एक बन्दर बोला अगर कहीं से आग तापने को मिल जाए तो ठण्ड दूर हो जाए |…
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गुरु की महिमा
एक दिन नारद जी विष्णु भगवान से मिलने गए। विष्णु जी ने उनका बहुत आदर सत्कार किया। नारद जी के जाने पर विष्णु जी ने लक्ष्मी जी से कहा -” हे ! लक्ष्मी जहाँ नारद जी बैठें थे उस स्थान को गाय के गोबर से लीप दो। नारद जी अभी…
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लक्ष्मी माता
लक्ष्मी जी की जन्म कथा