लक्ष्मी जी की जन्म कथा
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भगवती तुलसी
कैसे वृंदा बनी तुलसी
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दशलक्षण और दशानन
दशानन – दस सिरों वाला- रावण बुद्धिमता और शक्तियों का स्वामी था, परन्तु वह घृणा, अहंकार, कपट, ईर्ष्या, भय, क्रोध, असंवेदनशीलता, लोभ, मोह और वासना जैसी नकारात्मक भावनाओं से ग्रस्त था| रावण के दस सिर इन्हीं लक्षणों को दर्शाते हैं | प्रत्येक मनुष्य के भीतर कोई न कोई नकारात्मक भावना …