मेरा एक सपना है…. मैं अपने पापा जैसी बन जाऊँ
जैसे वो सबकी पसंद-नापसंद का..
ध्यान रख लेते हैं |
वैसे ही मैं अपनी इच्छा दबाकर…
सबका मन पढ़ पाऊँ ||
मेरा एक सपना है…. मैं अपने पापा जैसी बन जाऊँ
जैसे उनकी प्यार भरी थपकी से…
मैं बचपन में सो जाती थी |
उसी थपकी की आहट…
मैं अपनी लोरी मैं लाऊँ ||
मेरा एक सपना है… मैं अपने पापा जैसी बन जाऊँ
जैसे ईश्वर की भांति…
वो सारे दुःख हर लेते हैं |
वैसे ही मैं भी….
हर चोट की दवा बन जाऊँ ||
मेरा एक सपना है…. मैं अपने पापा जैसी बन जाऊँ
जैसे वो थक कर भी….
थकान का जिक्र नहीं करते हैं |
वैसे ही सब कष्टों को भुलाकर…
मैं भी आगे बढ़ती जाऊँ ||
मेरा एक सपना है… मैं अपने पापा जैसी बन जाऊँ
जैसे पाई-पाई जोड़कर…
उन्होंने हमें बड़ा किया।
वैसे ही शौक और जरूरतों मे…
मैं फर्क समझ पाऊँ।।
मेरा एक सपना है…. मैं अपने पापा जैसी बन जाऊँ
Hello Friends The Indradanush is organising a drive on 19 May 2024 at NAI DUNIYA…
।। मौनं शून्यं नास्ति उत्तरै: परिपूर्णम् अस्ति।। एक बड़ा ब्राह्मण विद्वान्; पाँच सौ शिष्यों के…
तेज रफ़्तार जब करे जिंदगी पर वार...जिंदगी नहीं देती मौका बार बार..... ना मिलती फिर…
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Very positive god bless you
Beautiful lines dear
Heart touching lines....direct dil se❤