• Kalamkaar

    कुछ देर ठहर जा ऐ जिंदगी…

    कुछ देर ठहर जा ऐ जिंदगी..इस खुदगर्ज़ दुनिया में मुझे भी मतलबी बन जाने दे। अब तक चली हूँ अपने उसूलों पर.. ज़रा इस दुनिया के उसूल मुझे आज़माने तो दे। सच कहकर बहुत दूर हो गई हूँ सबसे…झूठ बोलकर कुछ का मन बहलाने तो दे। थोड़ी सी बुराई मैं…