• Kalamkaar

    थक गयी अब …मैं जीना चाहती हूँ…

    यादों से बस कुछ सुनहरे पल संझोना चाहती हूँ।थक गयी अब …मैं जीना चाहती हूँ।। नोक झोंक आपसी तकरार में बसअब चुप रहना चाहती हूँ।थक गयी अब … मैं जीना चाहती हूँ।। हर किसी की गलती की वजह हूँ मैंअब दलिलों में गुनेहगार ही रहना चाहती हूँ। थक गयी अब..…