बिट्टू जी की शादी में पकवान बने मजेदारक्या खाएं क्या ना खाएं सोच में पड़ गए यार हमने कभी किसी…
दोस्तों कैसी रही आप सबकी दिवाली ..उम्मीद है बढ़िया ही रही होगी ..आप सोच रहे होंगे दिवाली तो अब अगले…
ना जाने कहां खो गई है वह दिवाली, जिसकी करते थे एक महीने पहले से तैयारी घर घर बनते थे…
ध्वनि रोज़ की तरह नम आँखों से घर का काम कर रही थी बार बार उसे यहीं ख्याल परेशान कर…
पहला श्रृंगार है स्नान जिसमें मैंने नकारात्मक सोच को ना दिया मान दूसरा श्रृंगार बिंदी का ऊंचा रखूंगी अपना आत्मसम्मान…
कुछ नहीं बदला आज में और कल के रामराज में रावण ने एक सीता को अपमानित किया और आज ना…
क्या कहता है बूढ़ा मन..जैसे लौट रहा बचपन। पास उनके जाओ,बैठो दो पल ।तुम अपना आज सुनाओ,वो सुनाए बीता कल।।…