• Kalamkaar

    रामराज और आज

    कुछ नहीं बदला आज में और कल के रामराज में रावण ने एक सीता को अपमानित किया और आज ना जाने कितनी सीता अपमानित होती इस कलयुगी राज में कुछ नहीं  बदला आज में और कल के रामराज में अहंकार का रावण बसता हर एक इंसान में कुछ नहीं  बदला…

  • Kalamkaar

    बूढ़ा….. बचपन

    क्या कहता है बूढ़ा मन..जैसे लौट रहा बचपन। पास उनके जाओ,बैठो दो पल ।तुम अपना आज सुनाओ,वो सुनाए बीता कल।। माना धुंधली हो गई है नज़र,पर फिर भी चेहरा लेते पढ़।कब खुश हो तुम, कब परेशान,आसानी से लेते पहचान ।। बच्चों से महके आँगन,और बड़ों से बनते हैं घर ।बच्चों…

  • Kalamkaar

    परी भी और शेरनी भी

    रौशनी अपने पापा के साथ खाना खाते हुए  रोज न्यूज़ देखती  है, देश विदेश की खबरें देखने के बाद उसके मन में हजार विचार आते कभी अपने पापा के साथ discuss करती तो कभी ignore कर देती| पिछले सोमवार की बात है रोशनी खाना खाते-खाते उदास हो गई, पापा ने…

  • Kalamkaar

    कन्यादान

    वंदना के पापा इधर से उधर कभी किसी को डांटते हुए तो कभी फूलों की लड़ियों को ठीक करते हुए घूम रहे थे ….अजीब से भाव थे उनके चेहरे पे आज …क्यों न हो आज उनकी इकलौती बेटी की शादी जो थी …कभी हलवाई को समझाते हुए की खाना तो…

  • Adhyatm

    जय माता दी

    सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरन्ये त्रयम्बिके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।

  • Kalamkaar

    काल्पनिक घर

    एक ऐसा घर बनाया जाए जिसमें हो खुशियों का सवेरावो हो हमारा ना तेरा ना मेरा दुख और परेशानियों के लिए लक्ष्मण रेखा बनाई जाएबस घर में खुशहाली ही खुशहाली आये प्यार भरे हो रोशनदान ना हो कोई मानसिक थकान उसने यह कहा उसने यह नहीं किया इन बातों के…

  • Kalamkaar

    अदला बदली

    तुम मैं और मैं तुम बन जाते है चलो आज ये खेल आजमाते है “तुम पूरे दिन क्या करती हो”,”कितना गुस्सा करती हो”,”दिन में क्यों सोती हो “,चलो आज इन उलझे सवालों को सुलझाते हैतुम मैं और मैं तुम बन जाते है चलो आज ये खेल आजमाते है खेल खेलने से पहले…

  • Kalamkaar

    शब्द …..

    ये तो हम सभी जानते हैं की ८४ लाख योनियों में से ईश्वर ने केवल मानव जाति को ही वाणी का वरदान दिया है , परन्तु शब्दों के बिना वाणी का कोई अस्तित्व नहीं है। इस ढ़ाई अक्षर के शब्द के अनगिनत रूप हैं –यह शब्द साधारण बातचीत में हमारी…