Kalamkaar

शब्द …..

ये तो हम सभी जानते हैं की ८४ लाख योनियों में से ईश्वर ने केवल मानव जाति को ही वाणी का वरदान दिया है , परन्तु शब्दों के बिना वाणी का कोई अस्तित्व नहीं है। इस ढ़ाई अक्षर के शब्द के अनगिनत रूप हैं –
यह शब्द साधारण बातचीत में हमारी बोली या भाषा बन जाते हैं….
और जो गुनगुनाओं तो गीत बन जाते हैं |
शब्दों में ही छुपा सम्मान…
और शब्दों से ही होते अपमान|
कोई जो समझाए तो उपदेश बन जाते हैं…
और किसी को भेजो तो सन्देश बन जाते हैं|
बड़ों से मिले तो आशीर्वाद …..और छोटों से मिले तो प्यार कहलाते हैं|
मंदिर में पूजा आरती…
और जो रेडियो पर सुनो तो विविध भारती कहलाते हैं|
किसी को जो चुभ जाए तो सच…
और कुछ छुपाना हो तो झूठ बन जाते हैं|
जो निभाया जाए वो वचन…
और जो न निभाए वो धोखा कहलाते हैं|

सच में इन शब्दों की माया बड़ी निराली है। शब्दों के इन रूपों के मायाजाल में ही तो हम बंधे हैं ..क्योंकि शब्द मुफ्त में मिलते हैं और अक्सर मुफ्त की चीज़ों का उपयोग हम लापरवाही से करते हैं, जो कभी- कभी बहुत महंगा पड़ता है|

संत कबीरदास ने कहा है –
“शब्द सम्हारे बोलिए, शब्द के हाथ न पांव।
एक शब्द औषधि करे, एक शब्द करे घाव।।”

इसलिए अपने शब्दों का चयन बहुत संभल कर कीजिए– क्योंकि हमारे शब्द ही हमारे व्यक्तित्व को दर्शाते हैं|

Monica's avatar

An ambitious soul who loves to find a quiet place and use a humble pen to give thoughts a valuable meaning.

2 Comments on “शब्द …..

  1. Hellow will you please subscribe my baby’s you tube channel?the channel name is kanha jee’s fun please subscribe ♥️🙏☺️

  2. बहुत बढ़िया

Leave a Reply